ॠषि कुमार सिंह॥ भारतीय जन संचार संस्थान, नई दिल्ली। "घर में ठंडे चूल्हे पर अगर खाली पतीली है। बताओ कैसे लिख दूँ धूप फाल्गुन की नशीली है।"(अदम गोंडवी)

सोमवार, मई 03, 2010

पत्रकार निरुपमा पाठक की हत्या मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग

              

                                                                     प्रेस विज्ञप्ति

  ऑनर किलिंग के खिलाफ बने कानूनःजेयूसीएस

नई दिल्ली, 3 मई। जर्नलिस्ट यूनियन फॉर सिविल सोसायटी(जेयूसीएस) ने युवा पत्रकार निरुपमा पाठक की हत्या के दोषियों को शीघ्र व कड़ी सजा दिलाने के लिए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। जेयूसीएस ने सोमवार को निरुपमा के साथी पत्रकारों के साथ राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष गिरिजा व्यास से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। साथ ही राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और प्रेस परिषद को भी पत्र भेजकर उनसे सीधे हस्तक्षेप की मांग की है। गौरतलब है कि अंग्रेजी दैनिक बिजनेस स्टैंडर्ड की पत्रकार व भारतीय जनसंचार संस्थान(आईआईएमसी) की पूर्व छात्रा निरुपमा पाठक की 29 अप्रैल को उनके गृहनगर झारखंड के कोडरमा में हत्या कर दी गई थी।

   जेयूसीएस के सदस्यों ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि पत्रकार निरुपमा की ऑनर किलिंग,साठ साल के लोकतंत्रपन को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज अभी भी अर्धसामंती युग में है। जहां खाप पंचायतें समाज और प्रतिष्ठा के नाम पर हत्याएं करवा रही हैं। संगठन के ऋषि कुमार सिंह ने कहा कि निरूपमा को न्याय दिलाने के लिए पूरे मामले की उच्चस्तरीय और स्वतंत्र समिति द्वारा जांच करायी जानी चाहिए। किसी एक के बजाय हत्या में संलिप्त सभी दोषियों को कड़ी सजा मिले। संगठन के नवीन कुमार ने कहा कि देश में आये दिन समाज और प्रतिष्ठा के नाम पर बहुतेरी निरुपमाओं की हत्याएं हो रही हैं,लिहाजा झारखंड में महिलाओं की रक्षा के लिए बने डायन एक्ट की तर्ज पर अलग से ऑनर किलिंग के खिलाफ कानून बनाया जाये। उन्होंने कहा कि हरियाणा व अन्य राज्यों में लगने वाली जातिगत पंचायतों पर प्रतिबंध लगे। जेयूसीएस के विजय प्रताप व अभिषेक रंजन सिंह ने खाप पंचायतों को प्रश्रय देने वाले राजनीतिक दलों की निंदा की और कहा कि यही दल इस तरह की सामाजिक समस्याओं को राजनैतिक मुद्दा बनाने के बजाय उसका राजनैतिक दोहन करते हैं। लिहाजा यह समस्या आजादी के बाद भी भारतीय समाज में बनी हुई है। वहीं अर्चना महतो ने कहा कि ऑनर किलिंग जैसी घटनाएं समाज के सभ्य होने पर सवालिया निशान हैं।

    जेयूसीएस के चंदन शर्मा व अरूण कुमार उरांव ने साथी पत्रकार निरुपमा पाठक की हत्या के खिलाफ राष्ट्रव्यापी अभियान के शुरूआत की घोषणा की। इसके तहत पत्रकारिता के छात्रों और पत्रकारों के बीच हस्ताक्षर अभियान शुरू किया गया है। जेयूसीएस ने यह भी तय किया है जब तक निरुपमा के दोषियों को सजा नहीं हो जाती है,तब तक संगठन का यह अभियान चलता रहेगा। बैठक में अवनीश कुमार,प्रबुद्ध गौतम, सौम्या झा, पूर्णिमा, शाह आलम,विवेक, रवि राव, अभिमन्यु सिंह,श्वेता सिंह,अलका देवी ने भाग लिया।

 

                                                 द्वारा

                                              विजय प्रताप

                              सम्पर्क-09015898445,09313129941

                                                                                  ई-मेलः    jucsindia@gmail.com

जर्नलिस्ट यूनियन फॉर सिविल सोसायटी(जेयूसीएस) ई-36,गणेशनगर,नई दिल्ली-92 की तरफ से जारी

3 टिप्‍पणियां:

vijay jha ने कहा…

kya aap chahoge aapke ghar main harami ki aulad paida ho?

soch samajh ke likha karo, likhane ke liye bahut sare topic hai.

Unknown ने कहा…

विजय जी,
संतान का होना या न होना निरुपमा और प्रियभांशु के बीच का मामला था। रही बात औलाद के हरामी होने की तो यह गलत है क्योंकि प्रियभांशु ने अपने और निरूपमा के लिए संघर्ष को चुन लिया है। जो उसके सच्चे और ईमानदार होने की निशानी है। हम सब उसके साथ हैं। जहां तक बात घर की कर रहे हैं तो हत्यारों के लिए घर नहीं जेलें बनाई गई हैं।
आपने जो धमकी भरा सुझाव दिया है,उसे मैं अपनी पत्रकारिता के लिए ऊर्जा मानता हूँ। लिहाजा आपसे अनुरोध है कि आप आगे भी हमारे लिखे गये शब्दों पर अपनी प्रतिक्रिया देते रहेंगे।

नवीन कुमार 'रणवीर' ने कहा…

झा जी,
आप जैसे लोग हमारे जैसे पत्रकारों को भूख देते हैं, हम चाहते है कि ऐसी सोच रखनें वाले लोग आपकी ही भांति खुलकर बात करे, ताकि किसी की जान जाने से पहले इस तथाकथित सभ्य समाज को आपकी जैसी सोच वाले लोगों से रूबरु होनें का मौका तो मिले। गले में जनेऊ डाल लेनें से कोई न्यायालय नहीं हो जाता। ये ज्ञान बनारस, इलाहाबाद,पटना,हरिद्वार के घाटों पर ज्यादा प्रभावी सिद्ध होगा, कुछ कमाई भी हो जाएगी...लगे रहो।